(179+) Sharabi Shayari in Hindi | दारू शायरी हिंदी में

दोस्तों, शराब पीना हमारे शरीर और सेहत के लिए हानिकारक है, लेकिन फिर भी कई लोग शराब पीते हैं। कोई अपना गम भुलाने के लिए पीता है, तो कोई टेंशन और परेशानियों की वजह से इसका सहारा लेता है। कुछ लोगों को शराब से जुड़ी शायरी पढ़ना भी पसंद होता है। इसलिए आज की इस पोस्ट में हमने Sharabi Shayari in Hindi शेयर की हैं। अगर आपको भी Sharabi Shayari पढ़ना पसंद है, तो इन शायरियों को पढ़ सकते हैं और अपने दोस्तों या सोशल मीडिया पर भी शेयर कर सकते हैं।

Sharabi Shayari 2026

मजा तो
तब ही आये पीने का यारो,
शराब हम
पियें और नशा उनको हो जाए !

शराबी इलजाम शराब को देता है, आशिक इलजाम शबाब को देता है,
कोई नहीं करता कबूल अपनी भूल, कांटा भी इलजाम गुलाब को देता है !!

उन्हीं के
हिस्से में आती है ये प्यास अक्सर,
जो दूसरों
को पिलाकर शराब पीते हैं !

शराब और
मेरा कई बार ब्रेकअप हो चुका है,
पर कमबख्त
हर बार मुझे मना लेती है।

यूँ तो
ना थी जनम से पीने की आदत,
शराब को
तन्हा देखा तो तरस खा के पी गये।

जाम पीने
का मजा जिंदगी जीने से जादा हैं,
अगर इसे न
पिया तो जिंदगी जीने का मजा क्या हैं !

मत पूछ
उसके मैखाने का पता ऐ साकी,
उसके शहर
का तो पानी भी नशा देता है !

ना पीते है दारू ना पीते है व्हिस्की,
लेकिन जब हो जाये गम,
तब पीते है देशी रम !

Sharabi Shayari Hindi Main

शराब शरीर को खत्म करती है, शराब समाज को ख़तम करती है,
आओ आज इस शराब को खत्म करते हैं, एक बॉटल तुम खत्म करो एक बॉटल हम खत्म करते है !

शराब दर्द की दवा है, पीने से कोई खराबी नहीं,
दिल का दर्द खराबी नहीं, वैसे हम शराबी नहीं !

सोचा था
कुछ और लेकिन हुआ कुछ और,
इसीलिए ये
भुलाने के लिए चले गए शराब की ओर !

जाम तो यू ही बदनाम है यारों कभी इश्क करके देखो
या तो पीना भूल जाओगे,
या फिर पी-पी के जीना भूल जाओगे !

मुझे ऐसी
शराब बता ऐ दोस्त,
नशा-ए-इश्क उतार
पाऊ मै !

रहता हूँ
बहका बहका तो शराबी ना समझना,
कभी किसी
की यादें भी बहका दिया करती हैं !

शराब के भी अनेक रंग हैं साकी,
कोई पीता है आबाद होकर तो,
कोई पीता है बर्बाद होकर !

यादों से सलाम लेता हूँ, वक्त के हाथ थाम लेता हूँ,
ज़िन्दगी थम जाती है पल भर के लिए, जब हाथों में शराब-ए-जाम लेता हूँ !

बर्फ का वो शरीफ टुकड़ा जाम में क्या गिरा,
बदनाम हो गया देता जब तक अपनी गवाही
वो खुद शराब हो गया !

फिर ना पीने की कसम खा लूँगा, साथ जीने की कसम खा लूँगा,
एक बार अपनी आँखों से पिला दे साकी, शराफत से जीने की कसम खा लूँगा !

आंखों से कह रहा हूँ समझ जाना, जुबां से कहूँगा तो बन जायेगा अफसाना,
इस तरह सबके सामने देखा न करो, उंगलियां उठाने लगेगा बेदर्द जमाना !

थोड़ी सी
पी शराब थोड़ी उछाल दी,
कुछ इस
तरह से हमने जवानी निकाल दी !

शराबी शायरी हिंदी

शराबी शायरी हिंदी
हर बार सोचता हूँ
छोड़ दूंगा मैं पीना अब से,
मगर तेरी याद आती है,
और हम मयखाने को चल पड़ते हैं !

परदा तो
होश वालों से किया जाता है हुजूर,
तुम बेनकाब
चले आओ हम तो नशे में हैं !

कुछ तो
शराफत सीख ले ए इश्क शराब से,
बोतल पे
लिखा तो है मैं जान लेवा हूँ !

फिर इश्क़
का जूनून चढ़ रहा है सिर पे,
मयख़ाने से
कह दो दरवाजा खुला रखे !

सुना है
मोहब्बत कर ली तुमने भी !!
अब किधर
मिलोगे पागलखाने या मैखान !!

तू डालता
जा साकी शराब मेरे प्यालो में,
जब तक
वो न निकले मेरे ख्यालों से !

यारो कहा मैं शौख से पीता हूँ ! गम भुलाने के लिए होश से पीता हूँ !
मत कहिये मुझसे शराब छोड़ने के लिए ! शराब पीता हु तभी तो जीता हूँ !!

कभी देखेंगे
ऐ जाम तुझे होठों से लगाकर,
तू मुझमें
उतरता है कि मैं तुझमें उतरता हूँ ।

Sharabi Shayari in Hindi

ये ना
पूछ मैं शराबी क्यूँ हुआ बस यूँ समझ ले,
गमों के
बोझ से नशे की बोतल सस्ती लगी !

नशा हम किया करते हैं, इल्ज़ाम शराब को दिया करते हैं,
कसूर शराब का नहीं उनका है, जिसका चेहरा हम जाम में तलाश किया करते हैं !

पीना चाहते थे हम सिर्फ एक जाम, मगर पीते-पीते शाम से सवेर हो गयी,
बहके बहके कदम धीरे धीरे चले, इसलिए आने में जरा सी देर हो गयी !

निकलूं अगर मयखाने से तो, शराबी ना समझना मेरे दोस्त,
मंदिर से निकलता, हर शख्स भी तो भक्त नहीं होता !

रहता हूँ
बहका बहका तो शराबी ना समझना,
कभी किसी
की यादें भी बहका दिया करती हैं !

जाहिद शराब
पीने दे मस्जिद में बैठ कर,
या वो
जगह बता दे जहाँ पर खुदा न हो !

तेरे जाने
के बाद जीने की ख्वाइश ना थी,
कमबख्त शराब
ने हमें मरने से बचा लिया !

एक बार टूट जाए दिल तो, फिर ना किसी से मोहब्बत दुबारा होती है,
जब आए उस बेवफा की याद तो, फिर जीने का शराब ही सहारा होती है !

परदा तो
होश वालों से किया जाता है हुजूर
तुम बेनकाब
चले आओ हम तो नशे में हैं !

सुना है
मोहब्बत कर ली तुमने भी,
अब किधर
मिलोगे पागलखाने या मैखान !

अब के
सावन में सबका हिसाब कर दूंगा,
जिसका जो
वाकी है वो भी हिसाब कर दूंगा !

एक वक्त
था जब तेरी आँखों से पी कर जीते थे,
लाख बुरे
थे लेकिन शराब कभी नहीं पीते थे ।

दोस्तों, आपको हमारी यह Sharabi Shayari in Hindi पोस्ट कैसी लगी? अगर अच्छी लगी हो, तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें। इसके अलावा, अगर आपका कोई सुझाव या शिकायत है, तो हमें कमेंट करके बता सकते हैं।

Leave a Comment